SIR नेपाल मूल के लोगों के लिए वोट के लिए नागरिकता जरूरी

👇खबरें सुनने के लिए यहां क्लिक करें।

SIR नेपाल मूल के लोगों के लिए वोट के लिए नागरिकता जरूरी

विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनाव आयोग ने उत्तराखंड में स्थिति साफ कर दी है। प्रदेश में वर्षों से रह रहे नेपाल मूल के लोग तभी मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे, जब वे भारतीय नागरिकता का वैध प्रमाण प्रस्तुत करेंगे। बिना नागरिकता के एसआईआर में नाम जोड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

उत्तराखण्ड और नेपाल के बीच रोटी-बेटी का गहरा रिश्ता रहा है। चंपावत, पिथौरागढ़, टनकपुर और देहरादून जैसे जिलों में बड़ी संख्या में ऐसे परिवार रहते हैं, जिनकी जड़ें नेपाल से जुड़ी हैं। कई महिलाएं नेपाल से विवाह के बाद उत्तराखण्ड आईं, जबकि अनेक परिवार दशकों से यहां निवास कर रहे हैं और उनके बच्चों का जन्म भी प्रदेश में हुआ है।

Uttarakhand SIR News- क्या होगा नेपाल मूल के लोगों का?

एसआईआर के दौरान यह सवाल लगातार उठ रहा था कि लंबे समय से उत्तराखण्ड में रह रहे नेपाल मूल के लोगों को मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा या नहीं। इस पर अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने स्थिति स्पष्ट कर दी है।

उन्होंने कहा कि भारत में किसी भी विदेशी नागरिक को मतदाता बनने के लिए भारतीय नागरिकता होना अनिवार्य है। वर्तमान मतदाता सूची में जिनके नाम दर्ज हैं, वे पहले से नागरिकता के आधार पर शामिल किए गए होंगे।

Uttarakhand SIR News- नागरिकता नहीं, तो मताधिकार नहीं

डॉ. जोगदंडे ने साफ कहा कि जिन लोगों के पास भारतीय नागरिकता नहीं है, उनका वोट नहीं बन सकता। वहीं, नेपाल मूल के वे लोग जो अब भारतीय नागरिक बन चुके हैं लेकिन वर्ष 2003 में मतदाता सूची में शामिल नहीं थे, उन्हें एसआईआर प्रक्रिया के दौरान नागरिकता और जन्मतिथि का प्रमाण देना होगा।

उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों में बीएलओ द्वारा मैपिंग संभव नहीं होगी, लेकिन संबंधित व्यक्ति को एसआईआर के इन्म्यूरकेशन फॉर्म के साथ सभी जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर मतदाता सूची में नाम शामिल करने पर निर्णय लिया जाएगा।

Uttarakhand SIR News- चुनाव आयोग का स्पष्ट संदेश

Uttarakhand SIR News- यदि किसी नेपाली मूल के भारतीय मतदाता को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद नोटिस मिलता है, तो उन्हें भी निर्धारित समय में नागरिकता और जन्मतिथि से जुड़े प्रमाण प्रस्तुत करने होंगे।

चुनाव आयोग ने साफ कर दिया है कि मतदाता सूची में शामिल होने का आधार केवल भारतीय नागरिकता है। लंबे समय से निवास या पारिवारिक संबंध होने के बावजूद, नागरिकता के बिना मताधिकार नहीं मिलेगा।

The7news
Author: The7news

और पढ़ें